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what is blogging? ब्लॉगिंग क्या हैं और कैसे करे?

ब्लॉगिंग क्या है और इसे कैसे शुरू करें – सम्पूर्ण मार्गदर्शिकाआज के डिजिटल युग में ब्लॉगिंग सिर्फ एक शौक नहीं बल्कि एक सफल करियर विकल्प बन चुका है। हजारों लोग ब्लॉग लिखकर न सिर्फ अपनी पहचान बना रहे हैं, बल्कि घर बैठे अच्छी आय भी कमा रहे हैं। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि ब्लॉगिंग क्या होती है, इसे कैसे शुरू करें और इससे पैसे कैसे कमाए जा सकते हैं, तो यह लेख आपके लिए है।ब्लॉगिंग क्या होती है?ब्लॉगिंग का अर्थ है किसी विषय पर लगातार लेख लिखना और उन्हें इंटरनेट पर साझा करना। इन ब्लॉगों के माध्यम से आप पाठकों को जानकारी, विचार, सुझाव या अनुभव प्रदान करते हैं। आपके लेख जितने उपयोगी और रोचक होंगे, उतने ही अधिक पाठक आपके ब्लॉग से जुड़ेंगे।ब्लॉगिंग क्यों करें?आय का स्रोत: Google AdSense, Affiliate Marketing, Sponsorship और प्रोडक्ट प्रमोशन से अच्छी कमाई संभव है।व्यक्तिगत ब्रांड बनाना: ब्लॉगिंग के जरिए आप अपने विषय में विशेषज्ञ बन सकते हैं।ज्ञान साझा करना: आपके विचार और अनुभव दूसरों की मदद कर सकते हैं।फ्रीलांस अवसर: अच्छी लेखन क्षमता होने पर कंपनियों से कंटेंट राइटिंग प्रोजेक्ट भी मिल सकते हैं।ब्...

श्रीमद भगवद गीता के 50 प्रेरक कथन | 50 Inspirational Shrimad Bhagavad Gita Quotes in hindi

। श्रीमद भगवद गीता के 50 प्रेरक कथन | 50 Inspirational Shrimad Bhagavad Gita Quotes in hindi  1. कोई भी अपने कर्म से भाग नहीं सकता, कर्म का फल तो भुगतना ही पड़ता हैं। इसलिए अच्छे कर्म करो ताकि अच्छे फल मिले।  2. ज्यादा खुश होने पर और ज्यादा दुखी होने पर निर्णय नहीं लेना चाहिए। क्योंकि यह दोनों परिस्थितियां आपको सही निर्यय नहीं लेने देती हैं।  3. जो होने वाला हैं वो होकर ही रहता है, और जो नहीं होने वाला वह कभी नहीं होता, जो ऐसा मानते हैं, उन्हें चिंता कभी नहीं सताती हैं।  4. सही कर्म वह नहीं है जिसके परिणाम हमेशा सही हो बल्कि सही कर्म वह है जिसका उद्देश्य कभी भी गलत ना हो।  श्रीमद भगवद गीता के प्रेरक कथन 5. धरती पर जिस तरह मौसम में बदलाव आता हैं, उसी तरह जीवन में भी सुख- दुःख आता जाता रहता हैं।  6. मानव कल्याण ही भगवद गीता का प्रमुख उद्देश्य है, इसलिए मनुष्य को अपने कर्तव्यों का पालन करते समय, मानव कल्याण को प्राथमिकता देनी चाहिए।  Read Book Summary – 12 Rules For Life Book Summary | जीवन के 12 नियम:- अव्यवस्था से व्यवस्था की ओर 7. जो व्यवहार आपको दूस...

Sundarkand pat hindi

 ।। ॐ श्री गणेशाय नमः ।। ।। श्रीजानकीवल्लभो विजयते ।। ।। श्रीरामचरितमानस पञ्चम सोपान श्री सुन्दरकाण्ड ।। ।। श्लोक ।। शान्तं शाश्वतमप्रमेयमनघं निर्वाणशान्तिप्रदं ब्रह्माशम्भुफणीन्द्रसेव्यमनिशं वेदान्तवेद्यं विभुम् ।। रामाख्यं जगदीश्वरं सुरगुरुं मायामनुष्यं हरिं वन्देऽहं करुणाकरं रघुवरं भूपालचूड़ामणिम् ।। नान्या स्पृहा रघुपते हृदयेऽस्मदीये सत्यं वदामि च भवानखिलान्तरात्मा ।। भक्तिं प्रयच्छ रघुपुङ्गव निर्भरां मे कामादिदोषरहितं कुरु मानसं च ।। अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम् ।। सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि ।। ।। चौपाई ।। जामवंत के बचन सुहाए । सुनि हनुमंत हृदय अति भाए ।। तब लगि मोहि परिखेहु तुम्ह भाई । सहि दुख कंद मूल फल खाई ।। जब लगि आवौं सीतहि देखी । होइहि काजु मोहि हरष बिसेषी ।। यह कहि नाइ सबन्हि कहुँ माथा । चलेउ हरषि हियँ धरि रघुनाथा ।। सिंधु तीर एक भूधर सुंदर । कौतुक कूदि चढ़ेउ ता ऊपर ।। बार बार रघुबीर सँभारी । तरकेउ पवनतनय बल भारी ।। जेहिं गिरि चरन देइ हनुमंता । चलेउ सो गा पाताल तुरंता ।। जिमि अमोघ रघुपति कर बाना । एही भाँति चल...

कैनवा का उपयोग (USE OF CANVA)

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  कैनवा का उपयोग कैसे करें: सभी प्रकार के उपयोग के लिए एक गाइड कैनवा (Canva) एक शक्तिशाली डिज़ाइन टूल है जो उपयोगकर्ताओं को आसानी से ग्राफ़िक्स, प्रस्तुतियाँ, पोस्टर, सोशल मीडिया सामग्री और बहुत कुछ बनाने में मदद करता है। यह न केवल पेशेवर डिज़ाइनरों के लिए बल्कि आम लोगों के लिए भी बहुत उपयोगी है। यहाँ हम कैनवा के विभिन्न उपयोगों और इसे कैसे उपयोग करें, के बारे में जानेंगे। कैनवा का पंजीकरण पंजीकरण करें : कैनवा वेबसाइट पर जाएँ और एक नया अकाउंट बनाएं। आप अपने ईमेल, गूगल अकाउंट, या फेसबुक के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। लॉग इन करें : एक बार पंजीकरण हो जाने के बाद, अपने क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके लॉग इन करें। कैनवा का इंटरफेस होम पेज : यहाँ से आप विभिन्न टेम्पलेट्स, डिज़ाइन और प्रोजेक्ट्स एक्सेस कर सकते हैं। डिज़ाइन टूलबार : बाएँ साइड में आपको विभिन्न टूल्स और तत्व मिलेंगे, जैसे टेक्स्ट, चित्र, आइकन आदि। कैनवा का उपयोग कैसे करें 1. सोशल मीडिया ग्राफिक्स टेम्पलेट्स चुनें : सोशल मीडिया पोस्ट, बैनर या कहानियों के लिए टेम्पलेट्स चुनें। कस्टमाइज़ करें : टेक्स्ट, चित्र और रंगों को अपने अ...

विराट कोहली का जीवन: एक अद्वितीय यात्रा

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  विराट कोहली का जीवन: एक अद्वितीय यात्रा विराट कोहली, भारतीय क्रिकेट के सबसे चमकदार सितारों में से एक, का जीवन सिर्फ खेल के मैदान तक सीमित नहीं है। उनकी यात्रा संघर्ष, सफलता, और प्रेरणा से भरी हुई है। आइए, उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हैं। प्रारंभिक जीवन विराट कोहली का जन्म 5 नवंबर 1988 को दिल्ली के एक पंजाबी परिवार में हुआ। उनके पिता, प्रेम कोहली, एक वकील थे, जबकि माँ, सरोज कोहली, एक गृहिणी थीं। विराट ने क्रिकेट में अपनी रुचि बचपन से ही दिखाई और उन्होंने 9 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया। शिक्षा और प्रारंभिक क्रिकेट विराट ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के सैफीया स्कूल से प्राप्त की। उन्होंने स्थानीय क्रिकेट क्लबों में खेलना शुरू किया और जल्द ही अपनी प्रतिभा को पहचानने वाले कोचों का ध्यान आकर्षित किया। उनकी मेहनत ने उन्हें दिल्ली की अंडर-15 टीम में जगह दिलाई। राष्ट्रीय स्तर पर शुरुआत 2008 में, विराट कोहली ने भारतीय वनडे टीम में अपनी पहली उपस्थिति दर्ज की। उनका पहला मैच श्रीलंका के खिलाफ था, जहां उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की। बाद में, 2011 में, विरा...

शिव जी की आरती(हिंदी में)/ SHIVJI KI AARTI HINDI ME/ MAHADEV JI KI AARTI HINDI ME

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  शिव जी की आरती(हिंदी में) ॐ जय शिव ओंकारा   ॐ जय शिव ओंकारा,  स्वा मी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव ओंकारा...॥ एकानन चतुरानन पंचानन राजे । हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव ओंकारा...॥ दो भुज चार चतुर्भुज, दसभुज अति सोहे । त्रिगुण रूप निरखते, त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव ओंकारा...॥ अक्षमाला वनमाला, मुण्डमाला धारी । चंदन मृगमद सोहै, भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव ओंकारा...॥ श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे । सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव ओंकारा...॥ कर के मध्य कमंडल चक्र त्रिशूलधारी । सुखकारी दुखहारी, जगपालन कारी ॥ ॐ जय शिव ओंकारा...॥ ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, जानत अविवेका । प्रणवाक्षर में शोभित, ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव ओंकारा...॥ त्रिगुणस्वामी जी की आरति, जो कोइ नर गावे । कहत शिवानंद स्वामी, सुख संपति पावे ॥ ॐ जय शिव ओंकारा...॥

शिव ताण्डव स्तोत्र अर्थ सहित - हिंदी में

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शिव ताण्डव स्तोत्र अर्थ सहित - हिंदी में                                                               जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्।  डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥१॥ उनके बालों से बहने वाले जल से उनका कंठ पवित्र है, और उनके गले में सांप है जो हार की तरह लटका है और डमरू से डमट् डमट् डमट् की ध्वनि निकल रही है, भगवान शिव शुभ तांडव नृत्य कर रहे हैं, वे हम सबको संपन्नता प्रदान करें । जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्धनि। धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम॥२॥ मेरी शिव में गहरी रुचि है, जिनका सिर अलौकिक गंगा नदी की बहती लहरों की धाराओं से सुशोभित है, जो उनकी बालों की उलझी जटाओं की गहराई में उमड़ रही हैं ? जिनके मस्तक की सतह पर चमकदार अग्नि प्रज्वलित है, और जो अपने सिर पर अर्ध-चंद्र का आभूषण...